शर्की स्थापत्य कला: एक प्रांतीय स्थापत्य कला चरमोत्कर्ष


Abstract


सारांश - प्रस्तुत शोध पत्र में शर्की स्थापत्य कला का विश्लेषण किया गया है। मध्यकाल में शर्की राज्य का बोलबाला था। इस राज्य की सीमाएँ दूर-दूर तक फैली थी। यह दिल्ली सल्तनत की पूर्वी राजधानी थी। शर्की राज्य में जिस स्थापत्य कला का विकास हुआ उसे शर्की स्थापत्य कला शैली कहते है। यह एक नवीन स्थापत्य कला शैली थी। इस स्थापत्य कला पर हिन्दू प्रभाव स्पष्ट रूप से पड़ा। प्रस्तुत शोध में यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि एक मुस्लिम स्थापत्य कला शैली होते हुए भी किस तरह से इस पर हिन्दू शैली का प्रभाव पड़ा और शर्की स्थापत्य कला किस प्रकार अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँची। इसका ऐतिहासिक विश्लेषण किया गया है। शब्द कुंजी: शर्की, स्थापत्य, चरमोत्कर्ष, ऐतिहासिक, फ्यूहरर, आर्किटेक्चर, इम्मूएबल, खालिस मुखलिस, मेहराब, झंझरी, झझरियाँ, लाल दरवाजा, सिन्दूर, जामा, समिश्रण


Full Text:

PDF

References


मौलवी खैरूद्दीन: जौनपुरनामा

मौलवी नजीरूद्दीन: तारीखे जौनपुर

पर्सी ब्राउन: इण्डियन आर्किटेक्चर

जेम्स फरग्यूसन: हिस्ट्री आॅफ इण्डियन एण्ड ईस्टर्न आर्किटेक्चर

नुरूद्दीन जैदी: मआशिरे जौनपुर

फसीहुद्दीन: शर्की मानूमेण्ट

डाॅ. सत्यनारायण दुबे ‘शरतेंदु‘: जौनपुर का गौरवशाली इतिहास

डिस्ट्रीक गजेटियर जौनपुर


Refbacks

  • There are currently no refbacks.