’महिला सशक्तिकरण एंव सतत् विकास

प्रो. कैलाश सोलंकी

Abstract


किसी भी देश का समग्र विकास महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना अधूरा है। राष्‍ट्र प्रणेता स्‍वामी विवेकानन्‍द ने विकास प्रक्रिया मे महिलाओं की भूमिका  स्‍वीकार करते हुए उचित ही कहा था कि जिस प्रकार एक पंख से चिडिया उडान नही भर सकती है उसी प्रकार महिलाओं के बिना किसी भी अंग में महिलाओं कि सहभागीता के कोई राष्‍ट्र प्रगति नहीं कर सकता। महिला सशक्तिकरण के अंर्तगत महिलाओं से जुडे सामाजिक,आथिक,राजनैतिक और कानूनी मुददो पर संवेदनशीलता और सरोकार व्‍यक्‍त किया जाता है, सश‍क्तिकरण की प्रकिया मे समाज को पारम्‍परिक पितृसत्‍तात्‍मक दृष्‍टीकोण के प्रति जागरूक किया  जाता है जिसने महिलाओं  की स्थिति को सदैव कमतर माना है।


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