कार्यस्थल पर लैंगिक असमानता का सामना करने वाली महिला पत्रकारों की आर्थिक स्थिति का विश्लेषात्मक अध्ययन


Abstract


सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दे उठाने वाले मीडिया में, जहाँ सबसे ज्यादा महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की बात की जाती है, उसी पेशे में काम करने वाली महिला पत्रकारों की संख्या पुरुष पत्रकारों से बहुत कम है। इस चुनौतीपूर्ण पेशे में काम करने वाली महिला पत्रकारों को अपनी क्षमता और सामर्थ्य सिद्ध करने के पर्याप्त अवसर भी नहीं दिए जाते हैं। पत्रकारिता जैसे बौद्धिक पेशे में भी महिलाओं को 'ऑय कैंडी' की तरह इस्तेमाल किया जाता है। महिलाओं की क्षमताओं पर शक कर उन्हें हार्डकोर रिपोर्टिंग से दूर रखकर अपेक्षाकृत रूप से सरल काम सौंपे जाते हैं। इस बात का सीधा असर महिला पत्रकारों के वेतन और उन्हें मिलने वाली अन्य सुविधाओं पर भी दिखाई देता है। इन्ही तथ्यों की जाँच करने के उद्देश्य से "कार्यस्थल पर लैंगिक असमानता का सामना करने वाली महिला पत्रकारों की आर्थिक स्थिति का विश्लेषात्मक अध्ययन" किया गया है। इसमें हमने मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यम में काम करने वाली महिला पत्रकारों से जानकारियाँ प्राप्त की हैं।

कीवर्ड - महिला सशक्तिकरण, महिला पत्रकार, लिंगभेद, आर्थिक सशक्तिकरण, मीडिया,   पत्रकारिता


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