महिलाओं के विरूद्ध होने वाली घरेलू हिंसा को रोकने में समाज व कानून की भूमिका

डाॅ. निधि माहेश्वरी

Abstract


सामाजिक व्यवस्था को सही व अनुशासित ढंग से चलाने हेतु शक्तिशाली व्यवस्था का होना अतिआवश्यक है, क्योंकि समाज कोई सरल व्यवस्था नहीं है। समाज में एक ओर जहाँ संगठनकारी शक्तियाँ कार्य करती है, वहीं दूसरी ओर विघटनकारी शक्तियाँ भी सक्रिय रहती है। समाज व्यवस्था का उद्देश्य सामाजिक प्रगति के साथ ही सामाजिक न्याय की स्थापना भी है। समाज सामाजिक संबंधों की एक व्यवस्था है। प्रत्येक समाज में सामाजिक नियंत्रण के स्वरूपों में विभिन्नता का पाया जाना नितान्त स्वभाविक है। विकास की प्रारंभिक अवस्थाओं में सामाजिक नियंत्रण का स्वरूप अनौपचारिक था।

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References


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